चक्रवात (Cyclone) सामान्य जानकारी

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  चक्रवात (Cyclone) चक्रवात:– कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं दक्षिणी गोलार्ध में गर्म हवाओं को चक्रवात के रूप में जाना जाता है और यह सुई की दिशा में चलता है जबकि उत्तरी गोलार्ध में इन गर्म हवाओं को हरिकेन या टायफून कहते हैं और यह सुई की विपरीत दिशा में चलता है। चक्रवात का नामकरण:– चक्रवात का नामकरण इस प्रकार पड़ा आमतौर पर तूफानों के नाम वर्णमाला के क्रम में रखे जाते हैं जैसे इन आठ क्षेत्र देशों में में– श्रीलंका, ओमान, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, मालदीव हैं, जो चक्रवाती तूफान के आने को देखते हुए उनका नामकरण करते हैं। चक्रवात के प्रकार:– चक्रवात के मुख्य रूप से छह प्रकार है ध्रुवीय चक्रवात ध्रुवीय कम उष्णकटिबंधीय चक्रवात मैसोस्केल चक्रवात अत: उष्णकटिबंधीय चक्रवात अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात चक्रवात से बचने के उपाय:– रोशनी के खंभों से झूलते या ढीले तारों से कड़ाई से बचें। अपने परिसर से मलबा तुरंत साफ करें। यदि आप वहां चला रहे हैं तो सावधानी पूर्वक चलाएं। चक्रवा से संबंधित कुछ प्रश्न:– संयुक्त राज्य अमेरिका में कि...

(अटल बिहारी वाजपेयी )

अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह)

(25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018)

• जन्म स्थान – ग्वालियर, मध्यप्रदेश।


शिक्षा :- 


• एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (UP)


तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल :- 


• प्रथम काल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए) 

• द्वितीय काल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) 

• तृतीय काल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए) 

  (पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए।)


राजनीतिक जीवन :- 


• भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे।

• सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा। 

• सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)।

• सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे। 

• सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)।

• 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)।


प्रमुख कार्य व योगदान :- 


• 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्षण, पोखरण (राजस्थान)।

• 19 फरवरी 1999 – ‘सदा-ए-सरहद’ (दिल्ली - लाहौर बस सेवा)।

• वर्ष 1999 – कारगिल युद्ध विजय।    

• उड़ीसा के सबसे गरीब क्षेत्र हेतु सात सूत्री गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया। 

• एक सदी से भी ज्यादा पुराने “कावेरी जल विवाद” का निपटारा किया।


उपलब्धि ओर कीर्तिमान :- 


• देश के एकमात्र राजनेता जो चार राज्यों के छः लोकसभा क्षेत्रों की नुमाइंदगी कर चुके थे।

• पहले भारतीय नेता (विदेशमंत्री) जिन्होनें संयुक्त राष्ट्र  महासंघ को हिन्दी  भाषा में संबोधित किया।

• वर्ष 2004 - भारत उदय (India शाइनिंग) का नारा दिया।

• राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीयवादी पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।

• लोकसभा में उनके वक्तव्य अमर बलिदान नाम से संग्रहित है। 


पुरस्कार व सम्मान :- 


• 1992 : पद्म विभूषण

• 1994 : लोकमान्य तिलक पुरस्कार

• 1994 : श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार

• 2014 : भारतरत्न से सम्मानित 

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