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Showing posts from May, 2021

चक्रवात (Cyclone) सामान्य जानकारी

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  चक्रवात (Cyclone) चक्रवात:– कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं दक्षिणी गोलार्ध में गर्म हवाओं को चक्रवात के रूप में जाना जाता है और यह सुई की दिशा में चलता है जबकि उत्तरी गोलार्ध में इन गर्म हवाओं को हरिकेन या टायफून कहते हैं और यह सुई की विपरीत दिशा में चलता है। चक्रवात का नामकरण:– चक्रवात का नामकरण इस प्रकार पड़ा आमतौर पर तूफानों के नाम वर्णमाला के क्रम में रखे जाते हैं जैसे इन आठ क्षेत्र देशों में में– श्रीलंका, ओमान, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, मालदीव हैं, जो चक्रवाती तूफान के आने को देखते हुए उनका नामकरण करते हैं। चक्रवात के प्रकार:– चक्रवात के मुख्य रूप से छह प्रकार है ध्रुवीय चक्रवात ध्रुवीय कम उष्णकटिबंधीय चक्रवात मैसोस्केल चक्रवात अत: उष्णकटिबंधीय चक्रवात अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात चक्रवात से बचने के उपाय:– रोशनी के खंभों से झूलते या ढीले तारों से कड़ाई से बचें। अपने परिसर से मलबा तुरंत साफ करें। यदि आप वहां चला रहे हैं तो सावधानी पूर्वक चलाएं। चक्रवा से संबंधित कुछ प्रश्न:– संयुक्त राज्य अमेरिका में कि...

चक्रवात (Cyclone) सामान्य जानकारी

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  चक्रवात (Cyclone) चक्रवात:– कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं दक्षिणी गोलार्ध में गर्म हवाओं को चक्रवात के रूप में जाना जाता है और यह सुई की दिशा में चलता है जबकि उत्तरी गोलार्ध में इन गर्म हवाओं को हरिकेन या टायफून कहते हैं और यह सुई की विपरीत दिशा में चलता है। चक्रवात का नामकरण:– चक्रवात का नामकरण इस प्रकार पड़ा आमतौर पर तूफानों के नाम वर्णमाला के क्रम में रखे जाते हैं जैसे इन आठ क्षेत्र देशों में में– श्रीलंका, ओमान, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, मालदीव हैं, जो चक्रवाती तूफान के आने को देखते हुए उनका नामकरण करते हैं। चक्रवात के प्रकार:– चक्रवात के मुख्य रूप से छह प्रकार है ध्रुवीय चक्रवात ध्रुवीय कम उष्णकटिबंधीय चक्रवात मैसोस्केल चक्रवात अत: उष्णकटिबंधीय चक्रवात अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात चक्रवात से बचने के उपाय:– रोशनी के खंभों से झूलते या ढीले तारों से कड़ाई से बचें। अपने परिसर से मलबा तुरंत साफ करें। यदि आप वहां चला रहे हैं तो सावधानी पूर्वक चलाएं। चक्रवा से संबंधित कुछ प्रश्न:– संयुक्त राज्य अमेरिका में कि...

मृदा(मिट्टी) (Soil) सामान्य जानकारी

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मृदा (मिट्टी) (Soil) मृदा (मिट्टी) की परिभाषा(definition of soil):– पृथ्वी(Earth) के ऊपरी सतह पर मोटे,माध्यम और बारिक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा(Soil) कहते हैं जिसका निर्माण मिट्टी से ठीक नीचे चट्टानों के विघटन और उन पर कार्बनिक पदार्थों के फल स्वरुप होता है इसमें अधिकांश वनस्पतियां और जंतु स्थाई रूप से निवास करते हैं मृदा में कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थ पाए जाते हैं मृदा (मिट्टी) के प्रकार:– जलोढ़ मिट्टी(Alluvial soil):– नदियों के किनारे तथा पानी के बहाव से लाई गई मिट्टी जिसको कछार मिट्टी (जलोढ़ मिट्टी) कहते हैं। जलोढ़ मिट्टी को दोमट मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है यह मिट्टी हमारे देश के उत्तरी मैदानों में पाई जाती हैं काली मिट्टी(Black soil):– काली मिट्टी में एक विशेषता यह है कि यह नमी को अधिक समय तक बनाए रखती हैं इस मिट्टी को कपास की मिट्टी रेगड़ मिट्टी भी कहते हैं यह मिट्टी लावा प्रदेश में पाए जाते हैं लाल मिट्टी(Red soil):– यह मिट्टी चट्टानों की कटी हुई मिट्टी हैं यह मिट्टी अधिकतर दक्षिणी भारत में मिलती हैं  लेटराइट मिट्टी(Laterite soil):– लेटराइट मिट्ट...

घाटी (valley) सामान्य जानकारी

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  घाटी (valley) घाटी(Valley):– दो या दो से अधिक पहाड़ों के बीच का गहरा भाग है। आमतौर पर इनमें नदियों का प्रवाह पाया जाता है घाटी के प्रकार:– वी–आकार की घाटी:– नदी द्वारा अपनी घाटी में किए गए ऊर्ध्वाधर कटाव के कारण घाटी पतली, गहरी, और अंग्रेजी के (V) के आकार की हो जाती हैं यह घाटी आकार के अनुसार दो प्रकार की होती हैं गार्ज और कैनियन यू–आकार की घाटी:– आमतौर पर हिमनदी द्वारा निर्मित घाटी के ढाल खड़े और तकी वक्राकार होती हैं जिससे यह अंग्रेजी के (U) अक्षर के आकार की दिखती हैं घाटी से संबंधित कुछ प्रश्न:– राजाओं की घाटी स्थित है– मिस्र में पंजाशी स्थित है– अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका में सिलिकॉन घाटी स्थित है– कैथलिफोर्निया में टेलर घाटी स्थित है–अंटार्कटिका में संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण कैलिफोर्निया में स्थित मृतक घाटी(death valley) किसका उदाहरण है– रिफ्ट घाटी का RK EDUCATION

ज्वार–भाटा (Tide ebb) सामान्य जानकारी

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  ज्वार–भाटा  (Tide ebb) ज्वार–भाटा :– सागरीय जल का सूर्य और चंद्रमा की आकर्षण शक्तियों के कारण ऊपर उठने एवं गिरने को ही जवार–भाटा(Tide ebb) कहते  हैं ज्वार–भाटा के प्रकार:– उच्च ज्वार:– जब सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा एक सीध में होते हैं तब उच्च ज्वार (High tide) उत्पन्न होता है निम्न ज्वार:– जब सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा समकोण अवस्था में होते हैं तब निम्न ज्वार (Low tide) उत्पन्न होता है प्रत्येक स्थान (सागर में) पर 12 घंटे के बाद ज्वार–भाटा आना चाहिए किंतु प्रतिदिन लगभग 26 मिनट देर से आता है क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी के सापेक्ष गतिशील हैं। ज्वार–भाटा के समय उत्पन्न होने वाली तरंगे ज्वारीय तरंगे कहलाती हैं। सूर्य चंद्रमा से बड़ा है फिर भी चंद्रमा का आकर्षण शक्ति सूर्य से दुगनी होती हैं क्योंकि सूर्य चंद्रमा की तुलना में सूर्य पृथ्वी से दूर हैं। दीर्घ ज्वार प्राय: पूर्णमासी एवं अमावस्या को ही आता है। दीर्घ ज्वार सामान्य ज्वार 20% ऊंचा होता है सिजगी:– सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी की एक रेखीय स्थिति है इस समय इनके सम्मिलित परिणामस्वरूप दीर्घ ज्वार अनुभव किया जाता है।...

मानचित्र रेखाएं (Map lines)

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मानचित्र रेखाएं (Map lines) मानचित्र रेखाएं:– बराबर अंतरालों पर उसी ऊंचाई के स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखाएं कहलाती हैं – कंटूर(Contours)   कंटूर वे काल्पनिक रेखाएं हैं जो दर्शाती हैं – बराबर ऊंचाई वाले क्षेत्रों को   एक ही तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखाएं कहलाती हैं – समताप रेखाएं( Isotherm) किसी नक्शे पर एक निश्चित समय पर समान ताप वाले बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाए दर्शाती हैं – आइसोहाइट्स आइसोनेफ शब्द समान मेघमेयता वाली रेखाओं का घोतक हैं आइसोनेफ रेखाएं किन स्थानों को आपस में जोड़ती हैं – बराबर दाब वाले आइसोबाथ रेखाएं:– मानचित्र पर जल के अंदर समान गहराई के बिंदुओं को मिलाकर खींची जाने वाली रेखाएं आइसोबाथ रेखाएं‌ कहलाती हैं आइसोगोनिक रेखाएं:– मानचित्र में आइसोगोनिक रेखाएं पृथ्वी की सतह पर समान चुंबकीय झुकाव वाले बिंदुओं को जोड़ती हुई खींची जाती हैं नक्शों पर क्षेत्रफल मापने के लिए प्रयोग यंत्र को कहते हैंं –  प्लैनीमीटर समदाब रेखा को दर्शाने वाले दैनिक मौसम मानचित्र उदाहरण हैं – समान रेखा मानचित्र का आइसोहेल रेखा – समान सूर्यताप वाले ...

ज्वालामुखी (Volcano) सामान्य जानकारी

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  ज्वालामुखी (Volcano) ज्वालामुखी:– पृथ्वी(Earth) की सतह पर उपस्थित ऐसी दरारे (cracks) या मुख होता है जिसके कारण पृथ्वी के अन्दर का गर्म लावा(Lava), राख (ashes), गैस(Gas ) आदि बाहर आते हैं। और यह पृथ्वी की ऊपरी सतह में एक विभंग होता है जिसके द्वारा अन्दर के पदार्थ बाहर निकलते हैं ज्वालामुखी द्वारा नि:सृत इन पदार्थों के जमा हो जाने से निर्मित शंक्वाकार स्थल रूप को ज्वालामुखी पर्वत कहते है। ज्वालामुखी का शाब्दिक अर्थ है:– ज्वाला मिस अग्नि मुखी मानवता मुख्य किसी से मुख से निकलने वाली अग्नि को ज्वालामुखी कहा जाता हैं ज्वालामुखी शब्द अधिकतर धरती से निकलने वाले लावा को जो लावा को बहुत गर्म करता है। ज्वालामुखी से संबंधित कुछ प्रश्न:– पृथ्वी(Earth) के अन्दर पिघले(Volcano) पदार्थ को मैग्मा(Magma)  कहा जाता हैं। ज्वालामुखी उद्गार का सम्बंध अभिसरण(Convergence) और अपसरण क्षेत्र मैं प्लेट के किनारे से है। मोना लोआ हवाई दीप का एक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। कोटोपैक्सी (इक्वेडोर दक्षिण अमेरिका), एटना(इटली), फ्यूजीयाना(जापान). आदि ज्वालामुखी हैं। किस ज्वालामुखी को भूमध्य सागर का प्रकाश...

पठार (Plateau) सामान्य जानकारी

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  पठार Plateau पठार ( Plateau):– धरातल का विशिष्ट स्थल रूप जो अपने आस पास की जमीन से पर्याप्त ऊंचा होता है और  जिसका ऊपरी भाग चौड़ा एवं सपाट हो उसे पठार कहते हैं। सागर तल से इनकी ऊंचाई लगभग 600 तक मीटर होती है। पठारों की उत्पत्ति के कारक है। 1 भू –गर्भिक हलचले,जिसके कारण कोई समतल भू–भाग अपने पास वाले धरातल से ऊपर उठता है 2  ज्वालामुखी क्रिया के समय निकले लावा के जमाव से समतल एवं अपेक्षाकृत उठे हुए भाग का निर्माण होता हैं।   3 पर्वतो के निर्माण के समय किसी समीपवर्ती भाग के अधिक ऊपर न उठ पाने के कारण भी पठार का निर्माण होता हैं। भारत के प्रमुख पठार है    छोटा नागपुर का पठार    हजारीबाग का पठार मालवा का पठार ढक्कन का पठार रांची का पठार  बुंदेलखंड का पठार कोडरमा का पठार मेघालय या शिलांग का पठार तेलंगाना का पठार विश्व के प्रमुख पठार है  विश्व का सबसे ऊंचा पठार पामीर का पठार हैं इसको दुनिया की छत भी कहते  हैं अरब का पठार यूनान का पठार ऑस्ट्रेलिया का पठार मेडागास्कर का पठार ब्राजील का पठार मेसेटा का पठार एशिया माइनर का पठार बोलीविया ...

भूकम्प (Earthquake) सामान्य जानकारी

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  भूकम्प (Earthquake) भूकम्प (Earthquake):– पृथ्वी की सतह के हिलने को भूकंप या भूचाल कहते हैं।  यह पृथ्वी के स्थलमण्डल ( Landmass) में   ऊर्जा  के अचानक मुक्त हो जाने के कारण उत्पन्न होने वाली  भूकम्पीय तरंगों  ( Seismic waves)  की  वजह से होता है। भूकम्प बहुत हिंसात्मक हो सकते हैं और कुछ ही क्षणों में लोगों को गिराकर चोट पहुँचाने से लेकर पूरे नगर को ध्वस्त कर सकने की इसमें क्षमता होती है। भूकम्प क्यो आता है पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।  भूकम्प विज्ञान (Seismology):– वह विज्ञान है जिसमें भूकंपीय लहरों का सिस्मोग्राफ यंत्र द्वारा अंकन करके अध्ययन किया जाता है। भूकंप मूल (Focus):– जिस जगह से पृथ्वी का कंपन शुरू होता है उसे हम भूकंप मूल (Focus) कहते हैं भूकंप केंद्र (Epicentre)...

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (Award)

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राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार Rajeev Gandhi Khel Ratna award खेल रत्न पुरस्कार:– राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भारत का सबसे बड़ा खेल रत्न पुरस्कार है। यह पुरस्कार केवल खेलो के क्षेत्रों में दिया जाता हैं। यह पुरस्कार भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार  प्रतिवर्ष खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा दिया जाता हैं। विश्व में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाडियों को भारत सरकार विभिन्न पुरस्कारों से पुरस्कृत करती है ताकि वे खेलों में और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रात्साहित होते रहें। खेल के क्षेत्र में दिए जाने वाले विभिन्न पुरस्कार हैं, अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य पुरस्कार, मेजर ध्यान चंद अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड और राजीव गाँधी ( यह सबसे बड़ा खेल रत्न पुरस्कार है )  राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार की शुरूआत हुई:– 1991-92 में हुई थी इस पुरस्कार में दी जाने वाली राशि – 25 लाख. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किए गए खिलाड़ी. पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता  शतरंज ग्रैंडमास्टर   विश्वनाथन आनंद थे  , जिन्हें वर्ष (1991-9...