चक्रवात (Cyclone) सामान्य जानकारी

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  चक्रवात (Cyclone) चक्रवात:– कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं दक्षिणी गोलार्ध में गर्म हवाओं को चक्रवात के रूप में जाना जाता है और यह सुई की दिशा में चलता है जबकि उत्तरी गोलार्ध में इन गर्म हवाओं को हरिकेन या टायफून कहते हैं और यह सुई की विपरीत दिशा में चलता है। चक्रवात का नामकरण:– चक्रवात का नामकरण इस प्रकार पड़ा आमतौर पर तूफानों के नाम वर्णमाला के क्रम में रखे जाते हैं जैसे इन आठ क्षेत्र देशों में में– श्रीलंका, ओमान, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, मालदीव हैं, जो चक्रवाती तूफान के आने को देखते हुए उनका नामकरण करते हैं। चक्रवात के प्रकार:– चक्रवात के मुख्य रूप से छह प्रकार है ध्रुवीय चक्रवात ध्रुवीय कम उष्णकटिबंधीय चक्रवात मैसोस्केल चक्रवात अत: उष्णकटिबंधीय चक्रवात अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात चक्रवात से बचने के उपाय:– रोशनी के खंभों से झूलते या ढीले तारों से कड़ाई से बचें। अपने परिसर से मलबा तुरंत साफ करें। यदि आप वहां चला रहे हैं तो सावधानी पूर्वक चलाएं। चक्रवा से संबंधित कुछ प्रश्न:– संयुक्त राज्य अमेरिका में कि...

मृदा(मिट्टी) (Soil) सामान्य जानकारी

मृदा (मिट्टी)
(Soil)







मृदा (मिट्टी) की परिभाषा(definition of soil):–

पृथ्वी(Earth) के ऊपरी सतह पर मोटे,माध्यम और बारिक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा(Soil) कहते हैं जिसका निर्माण मिट्टी से ठीक नीचे चट्टानों के विघटन और उन पर कार्बनिक पदार्थों के फल स्वरुप होता है इसमें अधिकांश वनस्पतियां और जंतु स्थाई रूप से निवास करते हैं मृदा में कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थ पाए जाते हैं

मृदा (मिट्टी) के प्रकार:–

जलोढ़ मिट्टी(Alluvial soil):–
नदियों के किनारे तथा पानी के बहाव से लाई गई मिट्टी जिसको कछार मिट्टी (जलोढ़ मिट्टी) कहते हैं। जलोढ़ मिट्टी को दोमट मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है यह मिट्टी हमारे देश के उत्तरी मैदानों में पाई जाती हैं

काली मिट्टी(Black soil):–
काली मिट्टी में एक विशेषता यह है कि यह नमी को अधिक समय तक बनाए रखती हैं इस मिट्टी को कपास की मिट्टी रेगड़ मिट्टी भी कहते हैं यह मिट्टी लावा प्रदेश में पाए जाते हैं

लाल मिट्टी(Red soil):–
यह मिट्टी चट्टानों की कटी हुई मिट्टी हैं यह मिट्टी अधिकतर दक्षिणी भारत में मिलती हैं 

लेटराइट मिट्टी(Laterite soil):–
लेटराइट मिट्टी के क्षेत्र दक्षिणी प्रायद्वीप के दक्षिणी–पूर्व की ओर पतली पट्टी के रूप में मिलते हैं

रेगिस्तानी मिट्टी(Desert soil):–
यह मिट्टी राजस्थान के थार प्रदेश में पंजाब के दक्षिणी भाग में और राजस्थानी कुछ अन्य भागों में मिलती है

रेतीली मिट्टी (Desert soil):–
यह मिट्टी शुष्क और अर्ध शुष्क प्रदेशों में पायी जाते हैं

क्षारयुक्त मिट्टी (Alkaline soil):–
यह मिट्टी शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों, दलदली क्षेत्रों, अधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में यह मिट्टी पाई जाती हैं इस मिट्टी को थूर ,ऊसर, चोपन आदि के नाम से जाना जाता हैै

हल्की काली एवं दलदली मिट्टी(Peaty and other Organic soil):–
इस मिट्टी में ज्यादातर जैविक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं यह मिट्टी सामान्यतः आंध्र प्रदेश में पाई जाती हैं

मृदा (मिट्टी) से संबंधित कुछ प्रश्न:–

काली मिट्टी मुख्यतः किस फसल के साथ संबंधित हैं–कपास

कौन सा एक मृदा अपरदन का कारण नहीं है–अपक्षय

पॉडजोल क्या है–कोणधारी वन प्रदेशों में पाई जाने वाली मिट्टी हैं

बार-बार बाढ़ आने का मुख्य कारण क्या है–मृदा अपरदन, वनोन्मूलन तथा नदी का गादन



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