चक्रवात (Cyclone) सामान्य जानकारी

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  चक्रवात (Cyclone) चक्रवात:– कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं दक्षिणी गोलार्ध में गर्म हवाओं को चक्रवात के रूप में जाना जाता है और यह सुई की दिशा में चलता है जबकि उत्तरी गोलार्ध में इन गर्म हवाओं को हरिकेन या टायफून कहते हैं और यह सुई की विपरीत दिशा में चलता है। चक्रवात का नामकरण:– चक्रवात का नामकरण इस प्रकार पड़ा आमतौर पर तूफानों के नाम वर्णमाला के क्रम में रखे जाते हैं जैसे इन आठ क्षेत्र देशों में में– श्रीलंका, ओमान, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, मालदीव हैं, जो चक्रवाती तूफान के आने को देखते हुए उनका नामकरण करते हैं। चक्रवात के प्रकार:– चक्रवात के मुख्य रूप से छह प्रकार है ध्रुवीय चक्रवात ध्रुवीय कम उष्णकटिबंधीय चक्रवात मैसोस्केल चक्रवात अत: उष्णकटिबंधीय चक्रवात अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात चक्रवात से बचने के उपाय:– रोशनी के खंभों से झूलते या ढीले तारों से कड़ाई से बचें। अपने परिसर से मलबा तुरंत साफ करें। यदि आप वहां चला रहे हैं तो सावधानी पूर्वक चलाएं। चक्रवा से संबंधित कुछ प्रश्न:– संयुक्त राज्य अमेरिका में कि...

राजस्थान का सामान्य परिचय

 राजस्थान का सामान्य परिचय

General introduction of Rajasthan









  

नामकरण : राजस्थान का 

  • वाल्मीकि ने राजस्थान प्रदेश को क्या कहा है - मरुकान्तार
  • राजपूताना शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया – 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने किया।
  • विलियम फ्रेंकलिन ने 1805 में  (मिल्ट्री मेमोयर्स ऑफ मिस्टर जार्ज थॉमस) नामक पुस्तक प्रकाशित की। उसमें उसने कहा कि जार्ज थॉमस सम्भवतः पहला व्यक्ति था, जिसने राजपूताना शब्द का प्रयोग इस भू-भाग के लिए किया था।
  • कर्नल जेम्स टॉड ( घोड़े वाले बाबा ) ने इस प्रदेश का नाम रायथान, रजवाड़ा, राजस्थान आदि रखा क्योंकि स्थानीय साहित्य एवं बोलचाल में राजाओं के निवास के प्रान्त को रायथान कहते थे। उन्होंने 1829 ई. में लिखित अपनी प्रसिद्ध ऐतिहासिक पुस्तक  Annals & Antiquities of Rajas'than' (or Central and Western Rajpoot States of India) में सर्वप्रथम इस भौगोलिक प्रदेश के लिए राजस्थान शब्द का प्रयोग किया।
  • 26 जनवरी, 1950 को इस प्रदेश का नाम राजस्थान स्वीकृत किया गया।

👉राजस्थान दिवस मनाया जाता हैं - 30 मार्च

👉राजस्थान का गठन हुआ - 1 नवम्बर 1956 

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य हैं

1 नवंबर 2001 को मध्यप्रदेश राज्य से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। उसी दिन राजस्थान भारत का सबसे बडा राज्य बना था।

राजस्थान का जनसंख्या की दृष्टि से भारत में सातवा स्थान है।

2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,86,21,012 है जो की देश की जनसंख्या का 5.67 प्रतिशत है। राजस्थान का जनसंख्या की दृष्टि से देश में सातवां स्थान है

राजस्थान का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है। जो की भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41% हैं।

राजस्थान की तुलना करें तो यह श्रीलंका से पांच गुना बडा हैं और चेकोस्लोवाकिया से तीन गुना बड़ा है। और इजरायल से सत्रह गुना बडा हैं।और इंग्लैंड से दोगुना बडा है । जापान की तुलना में राजस्थान कुछ ही छोटा है।

राजस्थान दिवस मनाया जाता हैं - 30 मार्च

राजस्थान का गठन हुआ - 1 नवम्बर 1956 

राजस्थान की भौगोलिक स्थिति

राजस्थान भुमध्य रेखा के सापेक्ष उतरी गोलार्द में स्थित है एवं ग्रीनविच रेखा के सापेक्ष पुर्वी गोलार्द में स्थित है। राजस्थान भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में 23० 3′ से 30० 12′ उत्तरी अक्षांश (अक्षांशीय अंतराल 7० 9′) तथा 69० 30′ से 78० 17पूर्वी देशान्तर (देशान्तरीय अंतराल 8० 47′) के मध्य स्थित है। कर्क रेखा अर्थात 23 ० 30′ अक्षांश राज्य के दक्षिण में बांसवाड़ा-डुंगरपुर जिलों से गुजरती है। बांसवाड़ा शहर कर्क रेखा से राज्य का सर्वाधिक नजदीक शहर है।

राजस्थान का विस्तारः

राजस्थान की उत्तर से दक्षिण तक लम्बाई 826 किलोमीटर है एवं सबसे उत्तरी गाँव कोणा (गंगानगर) तथा सबसे दक्षिणी गाँव बोरकुण्ड गाँव(कुशलगढ़, बांसवाड़ा) है।
पुर्व से पश्चिम तक राजस्थान की चैड़ाई 869 किलोमीटर है एवं सबसे पूर्वी गाँव सिलाना (राजाखेड़ा, धौलपुर) तथा सबसे पश्चिमी गाँव कटरा(फतेहगढ़, जैसलमेर) है।


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